Arvind kejriwalBy social worker Vanita Kasani PunjabIndian politicianRead in another languagedownloadTake careEditArvind Kejriwal (born: 14 August 1949) is an Indian politician, common man Skip to main content

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Arvind kejriwalBy social worker Vanita Kasani PunjabIndian politicianRead in another languagedownloadTake careEditArvind Kejriwal (born: 14 August 1949) is an Indian politician, common man

अरविंद केजरीवाल (जन्म: १६ अगस्त १९६८) एक भारतीय राजनीतिज्ञ, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री हैं। अपने पहले कार्यकाल के दौरान वह २८ दिसम्बर २०१३ से १४ फ़रवरी २०१४ तक इस पद पर रहे।[1][2]

अरविन्द केजरीवाल
Arvind Kejriwal June 15, 2015 crop.jpg

पद बहाल
14 फरवरी 2015 – पदस्थ
पूर्वा धिकारीराष्ट्रपति शासन
पद बहाल
28 दिसम्बर 2013 – 14 फरवरी 2014
पूर्वा धिकारीशीला दीक्षित
उत्तरा धिकारीराष्ट्रपति शासन

पद बहाल
फरवरी 2015 – पदस्थ
पूर्वा धिकारीस्वयं
चुनाव-क्षेत्रनई दिल्ली
पद बहाल
28 दिसम्बर 2013 – 14 फरवरी 2014
पूर्वा धिकारीशीला दीक्षित
चुनाव-क्षेत्रनई दिल्ली

राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी
पदस्थ
कार्यालय ग्रहण 
26 नवम्बर 2012

जन्म16 अगस्त 1968 (आयु 52)
भारत हिसारहरियाणा
राजनीतिक दलआम आदमी पार्टी
जीवन संगीसुनीता केजरीवाल
बच्चे2
शैक्षिक सम्बद्धताआईआईटी खड़गपुर
जालस्थलआधिकारिक वेबसाइट

इससे पहले वो एक सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं और सरकारी कामकाज़ में अधिक पारदर्शिता लाने के लिये संघर्ष किया। भारत में सूचना अधिकार अर्थात सूचना कानून (सूका) के आन्दोलन को जमीनी स्तर पर सक्रिय बनाने, सरकार को जनता के प्रति जवाबदेह बनाने और सबसे गरीब नागरिकों को भ्रष्टाचार से लड़ने के लिये सशक्त बनाने हेतु उन्हें वर्ष २००६ में रमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया।[3] उन्होंने आम आदमी पार्टी के नाम से एक नये राजनीतिक दल की स्थापना की।[4]

जीवनी

अरविंद केजरीवाल का जन्म 1968 में हरियाणा[5] के हिसार शहर में हुआ[6] और उन्होंने १९८९ में आईआईटी खड़गपुर से यांत्रिक अभियांत्रिकी में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बाद में, १९९२ में वे भारतीय नागरिक सेवा (आईसीएस) के एक भाग, भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में आ गए और उन्हें दिल्ली में आयकर आयुक्त कार्यालय में नियुक्त किया गया। शीघ्र ही, उन्होंने महसूस किया कि सरकार में बहुप्रचलित भ्रष्टाचार के कारण प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। अपनी अधिकारिक स्थिति पर रहते हुए ही उन्होंने, भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम शुरू कर दी।[7] प्रारंभ में, अरविंद ने आयकर कार्यालय में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जनवरी २००० में, उन्होंने काम से विश्राम ले लिया और दिल्ली आधारित एक नागरिक आन्दोलन-परिवर्तन की स्थापना की, जो एक पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन को सुनिश्चित करने के लिए काम करता है। इसके बाद, फरवरी २००६ में, उन्होंने नौकरी से इस्तीफा दे दिया और पूरे समय के लिए सिर्फ 'परिवर्तन' में ही काम करने लगे।[8] अरुणा रॉयगोरे लाल मनीषी [9] और कई अन्य लोगों के साथ मिलकर, उन्होंने सूचना अधिकार अधिनियम के लिए अभियान शुरू किया, जो जल्दी ही एक मूक सामाजिक आन्दोलन बन गया, दिल्ली में सूचना अधिकार अधिनियम को 2001 में पारित किया गया[5] और अंत में राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय संसद ने 2005 में सूचना अधिकार अधिनियम (आरटीआई) को पारित कर दिया।

इसके बाद, जुलाई २००६ में, उन्होंने पूरे भारत में आरटीआई के बारे में जागरूकता फ़ैलाने के लिए एक अभियान शुरू किया।[10] दूसरों को प्रेरित करने के लिए अरविन्द ने अब अपने संस्थान के माध्यम से एक आरटीआई पुरस्कार की शुरुआत की है।[11] सूचना का अधिकार गरीब लोगों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, साथ ही आम जनता और पेशेवर लोगों के लिए भी यह उतना ही महत्वपूर्ण है। आज भी कई भारतीय सरकार के निर्वाचन की प्रक्रिया में निष्क्रिय दर्शक ही बने हुए हैं। अरविंद सूचना के अधिकार के माध्यम से प्रत्येक नागरिक को अपनी सरकार से प्रश्न पूछने की शक्ति देते हैं। अपने संगठन परिवर्तन के माध्यम से वे लोगों को प्रशासन में सक्रिय रूप से हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करते हैं। आरटीआई को आम नागरिक के लिए एक शक्तिशाली उपकरण बनने में लम्बा समय लगेगा। हालांकि अरविन्द ने हमें दिखा दिया है कि वास्तव में इसके लिए एक सम्भव रास्ता है।[12]

६ फ़रवरी २००७ को, अरविन्द को वर्ष 2006 के लिए लोक सेवा में सीएनएन आईबीएन 'इस वर्ष का भारतीय' के लिए नामित किया गया। अरविंद ने सूचना अधिकार अधिनियम को स्पष्ट करते हुए गूगल पर भाषण दिया "।[कृपया उद्धरण जोड़ें]

राजनीति में पदार्पण

२ अक्टूबर २०१२ को अरविंद केजरीवाल ने अपने राजनीतिक सफर की औपचारिक शुरुआत कर दी। उन्होंने बाकायदा गांधी टोपी, जो अब "अण्णा टोपी" भी कहलाने लगी है, पहनी थी। उन्होंने टोपी पर लिखवाया, "मैं आम आदमी हूं।" उन्होंने २ अक्टूबर २०१२ को ही अपने भावी राजनीतिक दल का दृष्टिकोण पत्र भी जारी किया।

राजनीतिक दल बनाने की विधिवत घोषणा के साथ उन्होंने कांग्रेस नेता सोनिया गाँधी जो नेहरू परिवार की उत्तराधिकारी और संप्रग की मुखिया हैं, के दामाद रॉबर्ट वाड्रा और भूमि-भवन विकासकर्ता कम्पनी डीएलएफ के बीच हुए तथाकथित भ्रष्टाचार का खुलासा किया और बाद में केन्द्रीय विधि मंत्री सलमान खुर्शीद और उनकी पत्नी लुई खुर्शीद के ट्रस्ट के खिलाफ आन्दोलन भी छेड़ा।

आम आदमी पार्टी का गठन

आम आदमी पार्टी के गठन की आधिकारिक घोषणा अरविंद केजरीवाल एवं लोकपाल आंदोलन के बहुत से सहयोगियों द्वारा 26 नवम्बर 2012, भारतीय संविधान अधिनियम की 63 वीं वर्षगांठ के अवसर पर दिल्ली स्थित स्थानीय जंतर मंतर पर की गई।[13][14]

2013 के दिल्ली विधान सभा चुनाव

2013 के दिल्ली विधान सभा चुनावों में अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली सीट से चुनाव लड़ा जहां उनकी सीधी टक्कर लगातार 15 साल से दिल्ली की मुख्यमंत्री रही श्रीमती शीला दीक्षित से थी। उन्होंने नई दिल्ली विधानसभा सीट से तीन बार की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को 25864 मतों से हराया। अरविंद केजरीवाल को कुल 44269 मत प्राप्त हुये जबकि उनके मुक़ाबले शीला दीक्षित को केवल 18405 मत प्राप्त हुये।[15][16][17][18]

नौकरशाह से सामाजिक कार्यकर्ता और सामाजिक कार्यकर्ता से राजनीतिज्ञ बने अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने दिल्ली की राजनीति में धमाकेदार प्रवेश किया। आम आदमी पार्टी ने 70 सदस्यीय दिल्ली विधानसभा चुनाव में 28 सीटें जीतकर प्रदेश की राजनीति में खलबली मचा दी। इस चुनाव में आम आदमी पार्टीभारतीय जनता पार्टी के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। सत्तारूढ़ काँग्रेस पार्टी तीसरे स्थान पर खिसक गयी।[19]

2015 के दिल्ली विधान सभा चुनाव

अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में फरवरी 2015 के चुनावों में उनकी पार्टी ने ७० में से रिकॉर्ड ६७ सीटें जीत कर भारी बहुमत हासिल किया। 14 फरवरी 2015 को वे दोबारा दिल्ली के मुख्यमंत्री पद पर आसीन हुए।

दिल्ली के मुख्यमन्त्री

२८ दिसम्बर २०१३ से १४ फ़रवरी २०१४[20] तक ४९ दिन दिल्ली के मुख्यमन्त्री के रूप में कार्य करते हुए अरविन्द लगातार सुर्खियों में बने रहे। नवभारत टाइम्स ने लिखा - "केजरी सरकार: ऐक्शन, ड्रामा, इमोशन, सस्पेंस का कंप्लीट पैकेज।"[21]

मुख्यमन्त्री बनते ही पहले तो उन्होंने सिक्योरिटी वापस लौटायी।[22] फिर बिजली की दरों में 50% की कटौती की घोषणा कर दी।[23] दिल्ली पुलिस व केन्द्रीय गृह मन्त्रालय के खिलाफ उन्होंने धरना भी दिया।[24] इसके बाद रिटेल सैक्टर में एफडीआई को खारिज किया और सबसे बाद जाते-जाते फरवरी २०१४ में उन्होंने भूतपूर्व व वर्तमान केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा व वीरप्पा मोईली तथा भारत के सबे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी व उनकी कम्पनी रिलायंस के खिलाफ एफ आई आर दर्ज कराने के आदेश जारी कर दिये।[25]

लोकपाल बिल भी एक प्रमुख मुद्दा रहा जिस पर उनका दिल्ली के लेफ्टिनेण्ट गवर्नर, विपक्षी दल भाजपा और यहाँ तक कि समर्थक दल काँग्रेस से भी गतिरोध बना रहा।[26] लोकपाल मुद्दे पर हुए आंदोलन से ही अरविन्द पहली बार देश में जाने गये थे। वे इसे कानूनी रूप देने के लिये प्रतिबद्ध थे। परन्तु विपक्षी दल कोंग्रेस एवं भाजपा बिल ने बिल को असंवैधानिक बताकर विधानसभा में बिल पेश करने का लगातार विरोध किया। विरोध के चलते १४ फ़रवरी को दिल्ली विधान सभा में यह बिल रखा ही न जा सका।[27] विधान सभा में कांग्रेस और बीजेपी के लोकपाल बिल के विरोध में एक हो जाने पर और भ्रष्ट नेताओ पर लगाम कसने वाले इस लोकपाल बिल के गिर जाने के बाद उन्होंने नैतिक आधार पर मुख्यमन्त्री पद से इस्तीफा दे दिया।[20]

पुरस्कार

  • 2004अशोक फैलो, सिविक अंगेजमेंट
  • 2005'सत्येन्द्र दुबे मेमोरियल अवार्ड', आईआईटी कानपुर, सरकार पारदर्शिता में लाने के लिए उनके अभियान हेतु[5]
  • 2006: उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए रमन मेगसेसे अवार्ड
  • 2006: लोक सेवा में सीएनएन आईबीएन, 'इन्डियन ऑफ़ द इयर'[28]
  • 2009: विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार, उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए आईआईटी खड़गपुर।
  • 2013 : अमेरिकी पत्रिका 'फॉरेन पॉलिसी' द्वारा 2013 के 100 'सर्वोच्च वैश्विक चिन्तक' में शामिल।[29]

2014 : प्रतिष्ठित "टाइम" मैगज़ीन द्वारा "विश्व के सबसे प्रभावशाली व्यक्ति" के रूप में शामिल]

व्यक्तिगत जीवन

1 99 5 में, अरविंद ने 1993 के बैच के आईआरएस अधिकारी सुनीता से शादी की।उन्होंने आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल में आयकर आयुक्त के रूप में 2016 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली।इस युगल के दो बच्चे हैं,केजरीवाल शाकाहारी हैं और कई वर्षों से विपश्यना ध्यान तकनीक का अभ्यास कर रहे हैं।[3]

बाल वनिता महिला आश्रम

पुस्तकें

  • सूचना का अधिकार: व्यवहारिक मार्गदर्शिका - सह लेखक - विष्णु राजगडिया, राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2007 में प्रकाशित।
  • स्वराज - स्वराज अभियान प्रकाशन

इन्हें भी देखें

सन्दर्भ

  1.  "केजरीवाल ने छह मंत्रियों संग ली शपथ". नवभारत टाईम्स. 28 दिसम्बर 2013. अभिगमन तिथि 28 दिसम्बर 2013.
  2.  "AAP Chief Arvind Kejriwal takes oath as Delhi's youngest CM". दि इकॉनोमिक टाइम्स. 28 दिसम्बर 2013. मूल से 11 सितंबर 2018 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 28 दिसम्बर 2013.
  3.  सिटेशन Archived 12 मार्च 2011 at the वेबैक मशीन. उत्कृष्ट नेतृत्व के लिए रमन मेगसेसे अवार्ड- प्रशस्ति पत्र
  4.  "बीबीसी हिंदी - केजरीवाल ने लांच की आम आदमी पार्टी". मूल से 29 जनवरी 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 दिसंबर 2013.
  5. ↑    प्रोफाइल Archived 26 मार्च 2014 at the वेबैक मशीनआई आई टी कानपुर छात्र संघ, सत्येन्द्र के॰ दुबे मेमोरियल पुरस्कार प्रशस्ति पत्र।
  6.  इन इलेक्टिंग केजरीवाल, 38, ..... Archived11 जनवरी 2011 at the वेबैक मशीनटाइम्स ऑफ इंडिया, 31 जुलाई 2006.
  7.  अशोक फेलो वेबसाईट पर प्रोफाइलArchived 25 दिसम्बर 2010 at the वेबैक मशीन. प्रशस्ति पत्र।
  8.  हमारे बारे में Archived 26 अप्रैल 2009 at the वेबैक मशीन. परिवर्तन आधिकारिक वेबसाइट।
  9.  [1] Archived 14 फ़रवरी 2015 at the वेबैक मशीन. आरटीआई वेबसाइट।
  10.  डोंट थ्रोटल आरटीआई Archived 3 जुलाई 2011 at the वेबैक मशीन. अरविंद केजरीवाल, लाइवमिंट, 6 जुलाई 2007
  11.  [2] Archived 14 जुलाई 2011 at the वेबैक मशीन. आरटीआई पुरस्कार वेबसाइट।
  12.  अरविन्द केजरीवाल का प्रोफाइल6bridges.com - वैश्विक भारतीय पेशेवरों के लिए एक समुदाय साइट।
  13.  "Arvind Kejriwal formally launches Aam Aadmi Party"इंडिया टुडे. मूल से 26 नवंबर 2012 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 दिसम्बर 2013.
  14.  "जानिए केजरीवाल के बारे मे 10 अनजानी बातें"http://desilutyens.com/मूल से 13 फ़रवरी 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 दिसम्बर 2014. |work= में बाहरी कड़ी (मदद)
  15.  "इस ट्राएंगल में किसका एंगल सबसे मजबूत?". नवभारत टाईम्स. 28 नवम्बर 2013. मूल से 22 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 दिसम्बर 2013.
  16.  "शीला और विजेंद्र से मुकाबले के लिए केजरीवाल ने दाखिल किया पर्चा". नवभारत टाईम्स. 16 नवम्बर 2013. मूल से 22 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 दिसम्बर 2013.
  17.  "अरविंद केजरीवाल ने शीला दीक्षित को हराया". नवभारत टाईम्स. 8 दिसम्बर 2013. मूल से 17 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 दिसम्बर 2013.
  18.  "नई दिल्ली, विजेता : अरविंद केजरीवाल". नवभारत टाईम्स. 8 दिसम्बर 2013. मूल से 21 नवंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 दिसम्बर 2013.
  19.  "'आप' की नहीं, आम आदमी की जीत". जी न्यूज. 8 दिसम्बर 2013. मूल से 11 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 दिसम्बर 2013.
  20. ↑   "अरविंद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया". नवभारत टाईम्स. 15 फ़रवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 फरवरी 2014.
  21.  "केजरी सरकार: ऐक्शन, ड्रामा, इमोशन, सस्पेंस का कंप्लीट पैकेज". नवभारत टाईम्स. 15 फ़रवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 फरवरी 2014.
  22.  "नए सीएम ने लौटा दी सिक्युरिटी". नवभारत टाईम्स. 29 दिसम्बर 2013. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 फ़रवरी 2014.
  23.  "बिजली बिलों में 50 फीसदी कटौती का ऐलान किया केजरीवाल ने". नवभारत टाईम्स. 1 जनवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 फ़रवरी 2014.
  24.  "केंद्र सरकार से भिड़े केजरीवाल". नवभारत टाईम्स. 21 जनवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 फरवरी 2014.
  25.  "केजरीवाल का केंद्र और मुकेश अंबानी पर बड़ा वार". नवभारत टाईम्स. 11 फ़रवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 फरवरी 2014.
  26.  "जनलोकपाल: उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री में बढ़ा टकराव". नवभारत टाईम्स. 10 फ़रवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 फरवरी 2014.
  27.  "कांग्रेस-बीजेपी की मिली ताकत ने रोका बिल पेश होने से". नवभारत टाईम्स. 15 फ़रवरी 2014. मूल से 24 फ़रवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 फरवरी 2014.
  28.  "सीएनएन आईबीएन इंडियन ऑफ़ द इयर विजेता 2006"मूल से 28 दिसंबर 2008 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 27 दिसंबर 2010.
  29.  "केजरीवाल 100 ग्लोबल थिकंर्स में शामिल". नवभारत टाईम्स. 11 दिसम्बर 2013. मूल से 9 अक्तूबर 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 12 दिसम्बर 2013.

बाहरी कड़ियाँ

राजनीतिक कार्यालय
पूर्वाधिकारी
शीला दीक्षित
दिल्ली के मुख्यमंत्री
28 दिसम्बर 2014 – 14 फ़रवरी 2014
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राष्ट्रपति शासन
राजनीतिक कार्यालय
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दिल्ली के मुख्यमंत्री
14 फ़रवरी 2015 –
उत्तराधिकारी
पदस्थ

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आम आदमी पार्टी By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाबभारत का एक प्रमुख राजनैतिक दलकिसी अन्य भाषा में पढ़ेंडाउनलोड करेंध्यान रखेंसंपादित करेंआम आदमी पार्टी, संक्षेप में आप, सामाजिक कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल एवं अन्ना हजारे के लोकपाल आंदोलन से जुड़े बहुत से सहयोगियों द्वारा गठित एक भारतीय राजनीतिक दल है। इसके गठन की आधिकारिक घोषणा २६ नवम्बर २०१२ को भारतीय संविधान अधिनियम की ६३ वीं वर्षगाँठ के अवसर पर जंतर मंतर, दिल्ली में की गयी थी।आम आदमी पार्टीLogo_of_AAP_2019.pngनेता अरविंद केजरीवालगठन २६ नवम्बर २०१२मुख्यालय भूतल, ए-११९, कौशाम्बी (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (भारत)), ग़ाज़ियाबाद- २०१०१०लोकसभा मे सीटों की संख्या 1 / 543राज्यसभा मे सीटों की संख्या 3 / 245राज्य विधानसभा में सीटों की संख्या 62 / 70दिल्ली विधानसभा19 / 117पंजाब विधानसभाविचारधारा स्वराजविद्यार्थी शाखा छात्र युवा संघर्ष समितिजालस्थल www.aamaadmiparty.orgElection symbolभारत की राजनीतिराजनैतिक दलचुनावसन् २०११ में इंडिया अगेंस्ट करप्शन नामक संगठन ने अन्ना हजारे के नेतृत्व में हुए जन लोकपाल आंदोलन के दौरान भारतीय राजनीतिक दलों द्वारा जनहित की उपेक्षा के खिलाफ़ आवाज़ उठाई। अन्ना भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आंदोलन को राजनीति से अलग रखना चाहते थे, जबकि अरविन्द केजरीवाल और उनके सहयोगियों की यह राय थी कि पार्टी बनाकर चुनाव लड़ा जाये। इसी उद्देश्य के तहत पार्टी पहली बार दिसम्बर २०१३ में दिल्ली विधानसभा चुनाव में झाड़ू चुनाव चिन्ह के साथ चुनावी मैदान में उतरी।पार्टी ने चुनाव में २८ सीटों पर जीत दर्ज की और कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनायी। अरविन्द केजरीवाल ने २८ दिसम्बर २०१३ को दिल्ली के ७वें मुख्य मन्त्री पद की शपथ ली। ४९ दिनों के बाद १४ फ़रवरी २०१४ को विधान सभा द्वारा जन लोकपाल विधेयक प्रस्तुत करने के प्रस्ताव को समर्थन न मिल पाने के कारण अरविंद केजरीवाल की सरकार ने त्यागपत्र दे दिया।इतिहाससंपादित करेंआम आदमी पार्टी की उत्पत्ति सन् 2012 में इण्डिया अगेंस्ट करप्शन द्वारा अन्ना हजारे के नेतृत्व में चलाये गये जन लोकपाल आन्दोलन के समापन के दौरान हुई। जन लोकपाल बनाने के प्रति भारतीय राजनीतिक दलों द्वारा प्रदर्शित उपेक्षापूर्ण रवैये के कारण राजनीतिक विकल्प की तलाश की जाने लगी थी। अन्ना हजारे भ्रष्टाचार विरोधी जनलोकपाल आन्दोलन को राजनीति से अलग रखना चाहते थे जबकि अरविन्द केजरीवाल आन्दोलन का लक्ष्य प्राप्त करने के लिये एक अलग पार्टी बनाकर चुनाव में शामिल होने के पक्षधर थे। उनके विचार से वार्ता के जरिये जन लोकपाल विधेयक बनवाने की कोशिशें व्यर्थ जा रहीं थीं। इण्डिया अगेंस्ट करप्शन द्वारा सामाजिक जुड़ाव सेवाओं पर किये गये सर्वे में राजनीति में शामिल होने के विचार को व्यापक समर्थन मिला।१९ सितम्बर २०१२ को अन्ना और अरविन्द इस निष्कर्ष पर पहुँचे कि उनके राजनीति में शामिल होने सम्बन्धी मतभेदों का दूर होना मुश्किल है। इसलिये उन्होंने समान लक्ष्यों के बावजूद अपना रास्ता अलग करने का निश्चय किया। जन लोकपाल आन्दोलन से जुड़े मनीष सिसोदिया, प्रशांत भूषण व योगेन्द्र यादव आदि ने अरविन्द केजरीवाल का साथ दिया, जबकि किरण वेदी व सन्तोष हेगड़े आदि कुछ अन्य लोगों ने हजारे से सहमति प्रकट की। केजरीवाल ने २ अक्टूबर २०१२ को राजनीतिक दल बनाने की घोषणा की। इस प्रकार भारतीय संविधान की वर्षगांठ के दिन २६ नवम्वर (२०१२) को औपचारिक रूप से आम आदमी पार्टी का गठन हुआ।[1][2]विचारधारासंपादित करेंपार्टी कहती है कि वह किसी विशेष विचारधारा द्वारा निर्देशित नहीं हैं। उन्होंने व्यवस्था को बदलने के लिये राजनीति में प्रवेश किया है। अरविन्द केजरीवाल के शब्दों में - "हम आम आदमी हैं। अगर वामपंथी विचारधारा में हमारे समाधान मिल जायें तो हम वहाँ से विचार उधार ले लेंगे और अगर दक्षिणपंथी विचारधारा में हमारे समाधान मिल जायें तो हम वहाँ से भी विचार उधार लेने में खुश हैं।नेतृत्वसंपादित करेंनेता पदअरविंद केजरीवाल राष्ट्रीय संयोजक एवं मुख्यमंत्री, दिल्लीमनीष सिसोदिया उपमुख्यमंत्री, दिल्लीसंजय सिंह राज्यसभा सांसदहरपाल सिंह चीमा नेता प्रतिपक्ष, पंजाब विधानसभामुख्यमंत्रीसंपादित करेंमुख्य लेख: दिल्ली के मुख्यमंत्रियों की सूचीक्रम राज्य मुख्यमंत्री कार्यकाल पदावधि विधानसभा१ दिल्ली अरविंद केजरीवाल २८ दिसंबर २०१३ १४ फरवरी २०१४ ४९ दिन पांचवी२ १४ फरवरी २०१५ १५ फरवरी २०२० ५ वर्ष १ दिन छठवीं३ १६ फरवरी २०२० पदस्थ 1 वर्ष, 79 दिन सातवींराज्यसभासंपादित करेंक्रम राज्य सांसद नियुक्ति तिथि निवृत्ति तिथि१ दिल्ली संजय सिंह २८ जनवरी २०१८ २७ जनवरी २०२४२ नारायण दास गुप्ता २८ जनवरी २०१८ २७ जनवरी २०२४३ सुशील कुमार गुप्ता २८ जनवरी २०१८ २७ जनवरी २०२४चुनावी भागीदारीसंपादित करेंलोकसभासंपादित करेंलोकसभा चुनाव वर्ष सीटें लड़ी सीटें जीतीं प्राप्त मत मत % लड़ी सीटों पर मत % राज्य (सीटें) संदर्भसोलहवीं लोकसभा २०१४ ४ पंजाब (४)सत्रहवीं लोकसभा २०१९ ३६ १ पंजाब (१)दिल्ली विधानसभा चुनाव २०१३संपादित करेंमुख्य लेख: दिल्ली राज्य विधानसभा चुनाव, २०१३४ दिसम्बर २०१३ को हुए दिल्ली राज्य विधानसभा चुनाव में पार्टी ने पहला चुनाव लड़ा। उसने पूरी दिल्ली के लिये चुनावी घोषणापत्र तैयार करने के साथ ही प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र के लिये अलग-अलग घोषणापत्र तैयार किया।[3]दिल्ली चुनाव के पहले पार्टी को कई विवादों का सामना करना पड़ा। भारत सरकार के गृहमन्त्री, सुशील कुमार शिंदे ने पार्टी के विदेशी दान की जाँच कराने की बात कही। पार्टी ने दान राशि का सम्पूर्ण ब्यौरा पार्टी वेवसाइट पर पहले से ही सार्वजनिक होने की बात कही और अन्य राजनीतिक दलों को भी अपने चन्दे को सार्वजनिक करने की चुनौती दी।दिल्ली विधान सभा चुनाव के कुछ पहले एक मीडिया पोर्टल द्वारा आम आदमी के विधायक पद के उम्मीदवारों का स्टिंग ऑपरेशन सामने आया जिसमें उन पर ग़ैर-ईमानदार होने के आरोप लगाये गये। आम आदमी पार्टी ने एक प्रेस कांफ्रेंस कर स्टिंग वीडियो में कई महत्वपूर्ण भागों को काट-छाँट कर प्रस्तुत करने का आरोप लगाया और मीडिया पोर्टल के खिलाफ मानहानि की याचिका दायर की।६ दिसम्बर को घोषित हुए परिणाम में ७० सदस्यीय दिल्ली विधानसभा में पार्टी २८ सीटों पर विजयी रही। ३२ विधान सभा क्षेत्रों की विजेता भारतीय जनता पार्टी के बाद यह दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। अरविन्द केजरीवाल ने सत्तारूढ़ी कांग्रेस पार्टी की निवर्तमान मुख्यमन्त्री शीला दीक्षित (कांग्रेस) को लगभग 25,000 वोटों से पराजित किया।[4] और कांग्रेस केवल ८ सीटों पर सिमट गयी।[5][6][7]दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग ने भाजपा द्वारा सरकार बनाने से मना करने के बाद आम आदमी पार्टी विधायक दल के नेता अरविन्द केजरीवाल को सरकार बनाने के लिये आमन्त्रित किया। २८ दिसम्बर को कांग्रेस के समर्थन से पार्टी ने दिल्ली में अपनी सरकार बनायी। अरविन्द केजरीवाल सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने।[8]लोकसभा चुनाव २०१४संपादित करेंक्रम राज्य निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचित सांसद टीप१ पंजाब फतेहगढ़ साहिब हरिंदर सिंह खालसा २ फरीदकोट साधु सिंह ३ संगरूर भगवंत मान ४ पटियाला धर्मवीर गांधी पार्टी ने कहा था कि 2014 भारतीय आम चुनाव में 300 सीटों पर चुनाव लड़ने का इरादा रखती है। 432 सीटों पर अपने उम्मीदवारों का एलान कर चुकी पार्टी[9] की नज़र मुख्यतः हरियाणा, गुजरात, उत्तर प्रदेश सहित शहरी क्षेत्रों में थी, जहाँ पार्टी का समर्थन मुख्य रूप से आधारित है[10]आशा के विपरीत पार्टी का प्रदर्शन फीका रहा तथा पार्टी के सभी प्रमुख नेता चुनाव हार गए। लेकिन एक सुखद आश्चर्य के रूप में पार्टी ने पंजाब में चार सीटों- पटियाला, संगरूर, फरीदकोट तथा फतेहगढ़ साहिब में विजय प्राप्त की।[11][12]लोकसभा चुनाव २०१९संपादित करेंमुख्य लेख: भारतीय आम चुनाव, 2019 और लोकसभा चुनाव २०१९ में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशियों की सूचीक्रम राज्य निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचित सांसद टीप१ पंजाब संगरूर भगवंत मान द्वितीय कार्यकालदिल्ली सरकारसंपादित करेंदिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग के आमंत्रण पर दिल्ली के मतदाताओं से राय लेकर २८ दिसम्बर २०१३ को अरविंद केजरीवाल ने ७ मंत्रियों के साथ दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने।[13] विश्वास मत प्रस्ताव पर कांग्रेस ने इस सरकार का समर्थन किया। सरकार बनाते ही पार्टी ने अपने घोषणा-पत्र के वादे पूरे करने शुरु किए। विशेष सुरक्षा और लाल बत्ती वाली गाड़ी लेने से मना किया। ३१ दिसम्बर को बिजली की कीमतों में अप्रैल तक आधे की छूट देने की घोषणा की। बिजली कंपनियों का सीएजी ऑडिट कराने की व्यवस्था की। बीस किलोलीटर पानी मुप्त देने की घोषणा की। इस सरकार को केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस से अनेक मामलों पर अवरोध का सामना करना पड़ा। बलात्कार एवं अन्य अपराध की घटनाओं पर पुलिस के कुछ अधिकारियों का तबादला करने के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय जाकर धरना देने की कोशिश की। इसमें अड़चने डालने पर रेल भवन के पास सड़क से ही केजरीवाल सरकार धरने पर बैठ गई। बाद में उपराज्यपाल के द्वारा पुलिस अधिकारियों को छुट्टी पर भेजने के बाद सरकार वापस काम पर लौटी। खिड़की एक्सटेंसन में कानून मंत्री सोमनाथ भारती की भूमिका भी विवादित रही। फरवरी में अरविन्द केजरीवाल ने अपने निगरानी विभाग को प्राकृतिक गैस का दाम अनियमित रूप से बढ़ाने के लिए मुकेश अंबानी और एम॰ वीरप्पा मोइली सहित कई प्रभावी लोगों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दिया।[14] केजरीवाल सरकार ने १३ फ़रवरी से विधान सभा सत्र बुलाकर जनलोकपाल और स्वराज्य विधेयक पारित करने की घोषणा की। जन लोकपाल विधेयक प्रस्तुत करने को लेकर उनका गृह मंत्रालय और उपराज्यपाल से टकराव की स्थिति पैदा हो गई। लेफ्टिनेंट राज्यपाल नजीब जंग इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी को जरूरी बताते रहे जबकि केजरीवाल सरकार विधान सभा के विधेयक पास करने के संवैधानिक अधिकार पर डटी रही। १३ जनवरी के हंगामेदार सत्र के बाद १४ फ़रवरी के सत्र में राज्यपाल ने विधेयक को असंवैधानिक बताने का संदेश विधानसभा अध्यक्ष को भेजा और विधेयक पेश करने से पहले िस संदेश को सूचित करने को लिखा। इस संदेश के बाद कांग्रेस औ्रर भाजपा विधायकों ने विधेयक प्रस्तुत करने का मिलकर विरोध किया। जन लोकपाल पास करना तो दूर उसे प्रस्तुत भी न हो पाने के बाद अरविन्द केजरीवाल ने १४ फ़रवरी को अपनी सरकार से इस्तीफा दे दिया। इस कारण दिल्ली में पहली बार राष्ट्रपति शासन लगा।[15]उल्लेखनीय कार्यसंपादित करेंआम आदमी पार्टी ने सत्ता में आते ही अपने सबसे बड़े वादों को निभाते हुए भ्रष्टाचार पर पर लगाम लगाई. दिल्ली में सभी विभागों से भ्रष्टाचार लगभग 80 फीसदी तक कम हुआ. 50 भ्रष्ट अधिकारी जेल भेजे गए. बिजली के दाम 50 फीसदी घटाए गए जबकि पानी 20,000 लीटर तक मुफ्त किया गया. प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट कोटा ख़त्म किया. सभी सरकारी अस्पतालों में सभी दवाई मुफ्त. तीन पुलों में 350 करोड़ बचाए। २०१६ के अगस्त में पक्षाध्यक्ष श्रीकेजरीवाल ने पोर्न-काण्ड में फसे मन्त्री सन्दीप कुमार को मन्त्रिपद से हटाया। सन्दीप कुमार पर आरोप था कि वो पोर्न के क्षेत्र में सक्रिय थे। अतः उनको ३०/८/२०१६ को मन्त्रिपद से हटाया गया [16] [17]।विवाद एवं आलोचनासंपादित करेंदिल्ली के दो आम आदमी पार्टी (आप) विधायकों , दिल्ली के कर्नल देविंदर सहारवत और असिम अहमद ने ,राजधानी में केजरीवाल सरकार पर खराब प्रशासन का आरोप लगाया और पार्टी के बड़े दावे में फसने से बचने की पंजाब के लोगों को चेतावनी दी।[18]सार्वजनिक परिवहन में सुधार: आम आदमी पार्टी (आप) ने सार्वजनिक परिवहन में काफी सुधार करने का वादा किया था लेकिन केजरीवाल का वितरण डीटीसी के मौजूदा बेड़े में एक भी बस नहीं जोड़ सकी। अंतिम मील कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के वादे को पूरा करने की कोई प्रगति नहीं हुई थी सार्वजनिक क्षेत्रों में वाई-फाई: यह एक ऐसा वादा था जो दिल्ली के लोगों को सबसे अधिक आकर्षित कर रहा था। "हम दिल्ली में पूरी तरह से वाई-फाई उपलब्ध कराएंगे ... वाई-फाई दिल्ली के सार्वजनिक क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जाएगी। इंटरनेट और दूरसंचार कंपनियों से संपर्क किया गया है और उनके साथ परामर्श करके एक उच्च स्तरीय व्यवहार्यता अध्ययन किया गया है। " लेकिन दो साल बाद भी, राष्ट्रीय राजधानी अब भी नि: शुल्क वाई-फाई सेवाओं का इंतजार कर रही है। दिल्ली भर में 10-15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए गए: यह एक और वादा था, जो आम आदमी पार्टी पूरी करने में नाकाम रही। एएपी के दिल्ली इकाई के संयोजक दिलीप पांडे ने कहा था, राष्ट्रीय राजधानी विभिन्न स्थानों पर सीसीटीवी प्राप्त करेगी, लेकिन दिल्लीवासियों को अभी भी इसके कार्यान्वयन के लिए इंतजार कर रहा है।[19]बाल वनिता महिला आश्रमइन्हें भी देखेंसंपादित करेंभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेसभ्रष्टाचार (आचरण)सन्दर्भसंपादित करें↑ 'आम आदमी पार्टी' के राष्ट्रीय संयोजक बने केजरीवाल, नवभारत टाइम्स, २६ नवम्बर २०१२, मूल से 29 नवंबर 2012 को पुरालेखित, अभिगमन तिथि ११ दिसम्बर २०१३↑ "बीबीसी हिंदी - केजरीवाल ने लांच की आम आदमी पार्टी". मूल से 29 जनवरी 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 दिसंबर 2013.↑ "आम आदमी पार्टी 71 घोषणापत्र बनाएगी". जागरण. 22 सितम्बर 2013. मूल से 12 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 17 नवंबर 2013. नामालूम प्राचल |accesdate= की उपेक्षा की गयी (|access-date= सुझावित है) (मदद)↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 15 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 15 दिसंबर 2013.↑ "'आप' की नहीं, आम आदमी की जीत". ज़ी न्यूज़. ८ दिसम्बर २०१३. मूल से 11 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 दिसंबर 2013.नामालूम प्राचल |accesdate= की उपेक्षा की गयी (|access-date= सुझावित है) (मदद)↑ "Delhi polls | BJP ahead, AAP inches to second". मूल से 13 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 दिसंबर 2013.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 15 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 11 दिसंबर 2013.↑ "Arvind Kejriwal, as Delhi Chief Minister, to head 'youngest-ever' Cabinet; check them out" [दिल्ली के मुख्य मन्त्री अरविन्द केजरीवाल ने अब तक के सबसे युवा मन्त्रिमण्डल का नेतृत्व सम्हालेंगे]. The Financial Express. 25 दिसम्बर 2013. मूल से 27 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 जनवरी 2014.↑ "प्रत्याशी उतारने में सबसे आगे आप". 10 Apr 2014. मूल से 13 अप्रैल 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 10 अप्रैल 2014.↑ "300 सीटों पर चुनाव लड़ेगी आप, हरियाणा पर गड़ाई नजरें". 31 दिसम्बर 2013. मूल से 10 जनवरी 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 9 जनवरी 2014.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 19 मई 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 मई 2014.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 19 मई 2014 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 19 मई 2014.↑ "Arvind Kejriwal, as Delhi Chief Minister, to head 'youngest-ever' Cabinet; check them out" [दिल्ली के मुख्य मन्त्री अरविन्द केजरीवाल ने अब तक के सबसे युवा मन्त्रिमण्डल का नेतृत्व सम्हालेंगे]. The Financial Express. 25 दिसम्बर 2013. मूल से 27 दिसंबर 2013 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 8 जनवरी 2014.↑ मुहम्मद अली, विशाल कान्त, अशोक स्वोमिया (2014-02-15). "Arvind Kejriwal quits over Jan Lokpal". द हिन्दू. मूल से 16 अक्तूबर 2015 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 26 फ़रवरी 2014.↑ "दिल्ली में राष्ट्रपति शासन". बीबीसी हिन्दी. 14 फ़रवरी 2014. मूल से 2 मार्च 2014 को पुरालेखित.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 सितंबर 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 सितंबर 2016.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 1 सितंबर 2016 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 1 सितंबर 2016.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 28 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 अक्तूबर 2017.↑ "संग्रहीत प्रति". मूल से 6 अक्तूबर 2017 को पुरालेखित. अभिगमन तिथि 6 अक्तूबर 2017.बाहरी कड़ियाँसंपादित करेंआम आदमी पार्टी (आप) का जालस्थलLast edited 20 days ago by Ts12rAcRELATED PAGESअरविंद केजरीवालभारतीय राजनेताइंडिया अगेंस्ट करप्शनसंजय सिंहभारतीय राजनीतिज्सामग्री Vnita Kasnia Punjab CC BY-SA 3.0 के अधीन है जब तक अलग से उल्लेख ना किया गया हो।गोपनीयता नीति उपयोग की शर्तेंडेस्कटॉप

आम आदमी पार्टी By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब भारत का एक प्रमुख राजनैतिक दल किसी अन्य भाषा में पढ़ें डाउनलोड करें ध्यान रखें संपादित करें आम आदमी पार्टी , संक्षेप में  आप , सामाजिक कार्यकर्ता  अरविंद केजरीवाल  एवं अन्ना हजारे के  लोकपाल आंदोलन  से जुड़े बहुत से सहयोगियों द्वारा गठित एक भारतीय  राजनीतिक दल  है। इसके गठन की आधिकारिक घोषणा २६ नवम्बर २०१२ को  भारतीय संविधान  अधिनियम की ६३ वीं वर्षगाँठ के अवसर पर  जंतर मंतर, दिल्ली  में की गयी थी। आम आदमी पार्टी Logo_of_AAP_2019.png नेता अरविंद केजरीवाल गठन २६ नवम्बर २०१२ मुख्यालय भूतल, ए-११९,  कौशाम्बी  ( राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (भारत) ),  ग़ाज़ियाबाद-  २०१०१० लोकसभा मे सीटों की संख्या 1 / 543 राज्यसभा मे सीटों की संख्या 3 / 245 राज्य विधानसभा में सीटों की संख्या 62 / 70 दिल्ली विधानसभा 19 / 117 पंजाब विधानसभा विचारधारा स्वराज विद्यार्थी शाखा छात्र युवा संघर्ष समिति जालस्थल www .aamaadmiparty .org Election symbol भारत की रा...

देश की राजधानी से सटी हरियाणा की सीमाओं पर अब नजारा कुछ बदलता सा नजर आने लगा है। By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब फसली सीजन शुरू होने के चलते अब हरियाणा और पंजाब के किसानों की ट्रॉलियां खेतों में लौटना शुरू हो गई हैं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि धरना खत्म हो चला है। बस फर्क इतना सा है कि पहले ये लोग ट्रॉलियों में तिरपाल वगैरह डालकर बैठे थे, मगर अब इनकी जगह शेड ने ले ली है। अब सोनीपत के कुंडली और बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे धरनों में ट्रॉलियों की जगह लकड़ी और टिन वगैरह की मदद से बने शेड दिखाई देने लग गए हैं।सिंघु या कुंडली बॉर्डर के निकट शनिवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के रेली गांव के गुरजीत सिंह हाईवे पर बांस के शेड लगाए जाने के काम की देखरेख कर रहे थे। गुरजीत ने बताया कि फिलहाल सोनीपत से लए गए बांस और अन्य सामान से 120 वर्ग फीट (12 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा) के आकार के शेड का निर्माण किया गया है। इसके बाद इसमें फर्श पर गद्दे डालेंगे, ताकि 10 लोग इन पर आराम से बैठ सकें। इसके अलावा एक कूलर और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके पूरा हो जाने पर गांव से आने वाली महिलाएं भी आराम से सो सकेंगी।इसी तरह रोपड़ जिले के बहरामपुर जमींदारा के किसानों ने दो हफ्ते पहले एक शेड बनाया था। इसमें पराली की छत, पर्दे, पौधे और भगत सिंह के चित्र थे। गांव के गुरमीत सिंह ने कहा, 'हमारी दो ट्रॉलियों में से एक फसल की कटाई के लिए वापस चली गई है और बजाय अब बनाए गए ज्यादा आरामदायक हैं। यह ट्रॉलियों के लोहे और तिरपाल की तरह ज्यादा गर्म नहीं होते।'बता दें कि सिर्फ सिंघु बॉर्डर पर ही नहीं, बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर धरने पर बैठे किसानों ने भी शेड बना रखे हैं। मार्च के दूसरे सप्ताह में ही किसानों के लिए भी 140 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा शेड तैयार किया गया था। भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का शहीदी दिवस लोगों ने इसी के नीचे मनाया।किसान नेता जोगेंद्र नैन ने कहा कि आज 36 बिरादरी का किसान एक हो गया है। यदि पूंजीपतियों को खाद्य सामग्री के भंडारण की छूट मिल गई तो गरीब व मजदूरों को खाने तक के लाले पड़ जाएंगे। किसान नेता बलदेव सिंह ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धरने में किसान ज्यादा से ज्यादा संख्या में डटे रहें। दिन के साथ-साथ रात के समय भी धरनास्थल पर मौजूद रहें। संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किसानों की सुविधा का प्रबंध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में यह टीन शेड तैयार करवाया गया है। उन्होंने कहा कि धरने को पहले से भी मजबूती से चलाया जाएगा। उनके अनुसार जिस दिन सरकार उनकी बात मान लेगी, वे धरना स्थल से सब कुछ समेटकर वापस चले जाएंगे।

देश की राजधानी से सटी हरियाणा की सीमाओं पर अब नजारा कुछ बदलता सा नजर आने लगा है।  By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब फसली सीजन शुरू होने के चलते अब हरियाणा और पंजाब के किसानों की ट्रॉलियां खेतों में लौटना शुरू हो गई हैं। इसका यह मतलब कतई नहीं है कि धरना खत्म हो चला है। बस फर्क इतना सा है कि पहले ये लोग ट्रॉलियों में तिरपाल वगैरह डालकर बैठे थे, मगर अब इनकी जगह शेड ने ले ली है। अब सोनीपत के कुंडली और बहादुरगढ़ के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे धरनों में ट्रॉलियों की जगह लकड़ी और टिन वगैरह की मदद से बने शेड दिखाई देने लग गए हैं। सिंघु या कुंडली बॉर्डर के निकट शनिवार को पंजाब के फतेहगढ़ साहिब जिले के रेली गांव के गुरजीत सिंह हाईवे पर बांस के शेड लगाए जाने के काम की देखरेख कर रहे थे। गुरजीत ने बताया कि फिलहाल सोनीपत से लए गए बांस और अन्य सामान से 120 वर्ग फीट (12 फीट लंबा और 10 फीट चौड़ा) के आकार के शेड का निर्माण किया गया है। इसके बाद इसमें फर्श पर गद्दे डालेंगे, ताकि 10 लोग इन पर आराम से बैठ सकें। इसके अलावा एक कूलर और लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके पूरा हो जाने पर गांव से आने वाल...

Ook elektrisiteitDeur maatskaplike werker, Vanita Kasaniyan PunjabLees in 'n ander taalAflaaiPas jouself opWysigHidro-elektrisiteit is die voorbereiding vir die kinetiese energie van vallende of vloeiende water. 2005

ਪਣ ਬਿਜਲੀ By समाजसेवी वनिता कासनियां पंजाब ਇਕ ਹੋਰ ਭਾਸ਼ਾ ਵਿਚ ਪੜ੍ਹੋ ਡਾ .ਨਲੋਡ ਆਪਣਾ ਖਿਆਲ ਰੱਖਣਾ ਸੰਪਾਦਿਤ ਕਰੋ ਡਿੱਗ ਜ ਵਹਿ  ਪਾਣੀ  ਦੇ  ਗਤੀਆਤਮਿਕ ਊਰਜਾ  ਦੀ  ਸ਼ਕਤੀ ਨੂੰ  ਕਰਨ ਲਈ ਤਿਆਰ ਹੈ  ਪਣ  ਕਾਲ (Hydroelectricity). 2005 ਵਿੱਚ, ਲਗਭਗ 618 GWe (ਜਿਗਵਾਟ ਇਲੈਕਟ੍ਰੀਕਲ) ਹਾਈਡ੍ਰੋ ਇਲੈਕਟ੍ਰਿਕ ਬਿਜਲੀ ਪੈਦਾ ਕੀਤੀ ਗਈ ਸੀ, ਜੋ ਕਿ ਵਿਸ਼ਵ ਦੀ ਕੁਲ ਬਿਜਲੀ ਸ਼ਕਤੀ ਦਾ 20% ਹੈ. ਇਹ ਬਿਜਲੀ ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਮੁਕਤ ਹੈ. ਤਿੰਨ ਜਾਰਜ ਡੈਮ  - ਵਿਸ਼ਵ ਦਾ ਸਭ ਤੋਂ ਵੱਡਾ ਹਾਈਡਰੋ ਪਾਵਰ ਸਟੇਸ਼ਨ ਪਣ ਬਿਜਲੀ ਦੇ ਲਾਭ ਸੰਪਾਦਿਤ ਕਰੋ Energyਰਜਾ ਦਾ  ਇਕ  ਨਵੀਨੀਕਰਣ  ਸਰੋਤ - ਬਹੁਤ ਘੱਟ ਬਾਲਣ ਸਰੋਤਾਂ ਦੀ ਰੱਖਿਆ ਕਰਦਾ ਹੈ. ਪ੍ਰਦੂਸ਼ਣ ਮੁਕਤ  ਅਤੇ ਇਸ ਲਈ ਵਾਤਾਵਰਣ ਅਨੁਕੂਲ ਹੈ. ਲੰਬੀ ਮਿਆਦ  - ਸਾਲ 1897 ਵਿਚ ਦਾਰਜੀਲਿੰਗ ਵਿਚ ਪੂਰਾ ਹੋਇਆ ਪਹਿਲਾ ਪਣਬਿਜਲੀ ਪ੍ਰਾਜੈਕਟ ਅਜੇ ਵੀ ਚਾਲੂ ਹੈ. Productionਰਜਾ ਦੇ ਦੂਜੇ ਸਰੋਤਾਂ ਦੇ ਮੁਕਾਬਲੇ ਉਤਪਾਦਨ, ਸੰਚਾਲਨ ਅਤੇ ਦੇਖਭਾਲ ਦੀ  ਲਾਗਤ ਘੱਟ  ਹੈ . ਤੇਜ਼ੀ ਨਾਲ ਅਰੰਭ ਕਰਨ ਅਤੇ ਰੋਕਣ ਦੀ ਸਮਰੱਥਾ ਅਤੇ ਜਲਦੀ ਸਵੀਕਾਰ / ਅਸਵੀਕਾਰ ਕਰਨਾ ਲੋਡ ਨੂੰ ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ਮੰਗ ਪੂਰੀ ਕਰਨ ਅਤੇ ਸਿਸਟਮ ਦੀ ਭਰੋਸੇਯੋਗਤਾ ਅਤੇ ਸਥਿਰਤਾ ਵਧਾਉਣ ਲਈ makesੁਕਵਾਂ ਬਣਾਉਂਦਾ ਹੈ. ਥਰਮਲ (35...